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Tuesday, June 16, 2020

इस ब्लॉग के मन्त्रो का पुस्तक में संकलन

इस ब्लॉग  में दिए गए मन्त्रो का और कुछ अतिरिक्त मन्त्रो का संकलन करके पुस्तक तैयार  की गयी है 

जिसे आप इस लिंक से प्राप्त कर सकते हैं 

Sunday, April 5, 2020

अधिदेवता, प्रत्यधि देवता, पञ्चलोकपाल देवता

अधिदेवता
ईश्वर ( सूर्य के दायें भाग मे )
ॐ त्रयम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ।।

उमा  ( चन्द्रमा के दायें भाग मे )
ॐ श्रीश्च ते लक्ष्मीश्च पत्न्यावहोरात्रे पार्श्वे नक्षत्राणि रूपमश्विनौ व्यात्तम् इष्णन्निषाणामुं म ईशाण सर्वलोकं म ईशाण    

Tuesday, December 22, 2015

श्री कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम

कस्तूरीतिलकं ललाट पटले वक्षः स्थले कौस्तुभं ।
नासाग्रे वरमोक्तिकं करतले वेणुः करे कंकणम् ।।
सर्वाङ्गे हरिचन्दनं सुललितं कण्ठे च मुक्तावली ।
गोपास्त्रीपरिवेष्टितो विजयते गोपालचूड़ामणिं ।। 

Sunday, December 20, 2015

आशीर्वचन


आयु द्रोणसुते श्रीयं दशरथे शत्रुक्षयं राघवे
ऐश्वर्यं नहुषे गतिश्च पवने मानञ्च दुर्योधने ।।
दानं सूर्यसुते बलं हलधरे सत्यं च कुन्तीसुते
विज्ञानं विदुरे भवतु भवतां कीर्तिश्च नारायणे ।। 

यम पूजन


ॐ यमाय त्वाऽङ्गिरस्वते पितृमते स्वाहा
स्वाहाय घर्माय  स्वाहा घर्मः  पित्रे स्वाहा ।।

देवराज इन्द्र –


ॐ त्रातारमिन्द्रमवितारमिन्द्रं ँ हवे हवे सुहव ँ शूरमिन्द्रम्
ह्वयामि  शक्रं  पुरुहूतमिन्द्र ँ स्वस्ति नो मघवा धात्विन्द्रः ।।

नाग देवता पूजन


 नमोऽस्तुसर्पेभ्यो ये के च पृथिवीमनु
ये अन्तरिक्षे ये दिवि तेभ्यः सर्पेभ्यो नमः ।।

वास्तु मण्डल देवता पूजन -


वास्तोष्पते नमः , भू शय्याय नमः , वास्तु पुरुषाय नमः

विशन्तु भूतले नागा लोकपालश्च सर्वतः
अस्मिन् गृहेऽवतिष्ठन्तुं आयुर्बलकराः सदा ।।

क्षेत्रपाल पूजन –



नगर खेडाय नमः , क्षेत्रादित्याय नमः

क्षं क्षेत्रपालस्त्वं भूत प्रेत गणसहा वेतालादि परिवारः डाकिन्यश्च महाबलः
भो भो क्षेत्रपालस्त्वं कर्मसाक्षी ह्यविघ्नकृत यावद्पूजां करिष्यामि तावद् त्वां स्थिरो भवः ।।

यं यं यं यक्षरूपं दशदिशिवदनं भूमिकंपायमानं
सं सं सं संहारमुर्ति सिरमुकुटजटा शेखरं चन्द्रबिम्बं
दं दं दं दीर्घकायं विकृतनखमुखं चोर्द्धरेखा कपालं
पं पं पं पापनाशं प्रणतपशुपतिं भैरवं क्षेत्रपालं  ।।


भ्राजद्वक्त्रजटाधरं त्रिनयनं नीलञ्जनादिप्रभं
दोर्दण्डान्तगदाकपालमरुणं स्रगन्धवस्त्रावृत्तम्
घण्टाघुर्घुरुमेखलाध्वनिमिलद् धुंकारभीमं प्रभुं
वन्दे सहितसर्प्पकुण्डलधरम् श्रीक्षेत्रपालं सदा ।।

ॐ क्षेत्रपाल महाबाहो महाबलपराक्रम । क्षेत्राणां रक्षणार्थाय बलिं नय नमोस्तुते ।।

रक्ष रक्ष बलिं भक्ष क्षं क्षेत्रपालाय नमः


ॐ नहि स्पर्शमविदन्नन्यमस्माद्वैश्वानरात्पुरऽएतारमग्नेःएमे नम वृधन्नमृता अमर्त्यवैश्वानरं क्षैत्रजित्याय देवाः स्वाहा ।।


हमारे ब्राह्मणों से पूजन हवन अनुष्ठान रुद्राभिषेक इत्यादि स्वयं के लिए अथवा अपने प्रियजनों के लिए करवाने के लिए निम्नलिखित जानकारी दें ।
(यदि आप स्वयं उपस्थित हो सकें तो अधिक उत्तम है ।
यदि किसी कारण स्वयं उपस्थित न हो सके तो निम्नलिखित जानकारी दें ।)
1, आपका पता - मकान न०, गली न०, मोहल्ला,शहर, ज़िला, राज्य आदि । (आपको प्रसाद इसी पते पर भिजवाया जाएगा)
2, आपका गोत्र ।
3, आपका नाम तथा आपके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम ।
4, आपका whatsapp नम्बर ।
5, आपकी जन्म कुंडली या जन्म समय, जन्म तारीख, जन्म स्थान ।
6, आपकी फोटो ।


हमारा संपर्क सूत्र –     9464532794                7888548882



ध्रुव अगस्त्य -


आतापि भक्षतो येन वातापि च महाबलाः
समुद्रो शोषितो तेन सा मे अगस्त्य प्रसीदतोः ।।


ध्रुव राज महा प्राज्ञ पञ्च वर्षाणि महा तपः
ग्रहाणामधिपं श्रेष्ठं सा मे ध्रुव प्रसीदतो ।।


ॐ पञ्च वर्षाय विद्महे अखण्ड तपाय धीमहि तन्नः ध्रुवः प्रचोदयात ।।



हमारे ब्राह्मणों से पूजन हवन अनुष्ठान रुद्राभिषेक इत्यादि स्वयं के लिए अथवा अपने प्रियजनों के लिए करवाने के लिए निम्नलिखित जानकारी दें ।
(यदि आप स्वयं उपस्थित हो सकें तो अधिक उत्तम है ।
यदि किसी कारण स्वयं उपस्थित न हो सके तो निम्नलिखित जानकारी दें ।)
1, आपका पता - मकान न०, गली न०, मोहल्ला,शहर, ज़िला, राज्य आदि । (आपको प्रसाद इसी पते पर भिजवाया जाएगा)
2, आपका गोत्र ।
3, आपका नाम तथा आपके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम ।
4, आपका whatsapp नम्बर ।
5, आपकी जन्म कुंडली या जन्म समय, जन्म तारीख, जन्म स्थान ।
6, आपकी फोटो ।


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अष्ट चिरञ्जीवी पूजन –




अश्वत्थामा बलिर्व्यासो हनूमानश्च विभीषणः
कृपः   परशुरामश्च  सप्तैते  चिरजीविनः ।।
सप्तैतान् संस्मरेन्नित्यं मार्कण्डेयमथाष्टमम्
जीवेद्   वर्षशतम्   साग्रमपमृत्युविवर्जितः ।। 

सप्तॠषि पूजन



ब्रह्मादय सुरा सर्वे ऋषय सनकादय
आगच्छन्तु महाभाग ब्रह्माण्डो दर्वर्थिना ।।

शिव पूजन



ॐ नमः शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शङ्कराय
च  मयस्कराय  च नमः शिवाय च शिव ताराय च ।।

विष्णु पूजन




केशवं पुण्डरीकाक्षं माधवं मधुसूदनम्
रुक्मिणिसहितं देवं विष्णुमावाहयाम्यहम् ।।

ब्रह्मा पूजन



ॐ ब्रह्म यज्ञानं प्रथमं पुरस्ताद्विसीमतः सुरुची वेन आवः
सबुध्न्या  उपमा  अस्य  विष्ठाः सतश्चयोनिमसतश्चविवः ।।

ॐकार पूजन


आवाहयाम्यहं देवमोंकारं परमेश्वरम् त्रिमात्रं त्र्यक्षरं दिव्यं त्रिपदञ्च त्रिदेवकम् ।।

ब्राह्मण पूजन


देवाधीनं जगत्सर्वा         मन्त्राधीनं च देवता
ते मन्त्रा ब्रह्मणाधीनां    तस्माद् ब्राह्मण देवता ।।

।। कलश स्थापन ।।


भूमि का स्पर्श
ॐ भूरसि भूमिरस्यदितिरसि विश्वधाया विश्वस्य भुवनस्य धर्त्री
पृथिवीं यच्छ पृथिवीं दृ ँ ह पृथिवीं मा हि ँ सीः ।।  

धूप पूजन

गन्धर्व देवाय नमः
असिताङ्ग भैरवाय नमः , रुरुर्भैरवाय नमः , चण्ड भैरवाय नमः ,
क्रोध भैरवाय नमः , उन्मत्त भैरवाय नमः , काल भैरवाय नमः ,
कपाल भैरवाय नमः, भीषण भैरवाय नमः , संहार भैरवाय नमः

ज्योति पूजन –


चन्द्रमा मनसो जातश्चक्षोः सूर्यो अजायत
श्रोत्राद्वायुश्च प्राणश्च मुखादग्निरजायत ।।