ॐ पृथिवीति मन्त्रस्य मेरुपृष्ठ ऋषिः, सुतलं छन्दः, कूर्मो देवता, आसनपवित्रकरणे विनियोगः ।
ॐ पृथ्वि ! त्वया धृता लोका देवि ! त्वं विष्णुना धृता ।
त्वं च धारय
मां देवि ! पवित्रं कुरु चासनम् ।।
समुद्रवसने
देवि पर्वतस्तनमण्डिते ।
विष्णुपत्निं नमस्तुभ्यं पादस्पर्शं क्षमस्व मे ।।
ॐ भूरसि भूमिरस्यदितिरसि विश्वधाया विश्वस्य भुवनस्य
धर्त्री ।
पृथिवीं यच्छ पृथिवीं
दृ ँ ह
पृथिवीं मा हि ँ सीः ।।
ॐ शेषासन स्थाय नमः, वर्हासन स्थाय नमः, कूर्मासन स्थाय नमः,
त्रिकोण षट्कोण भूमण्डलाय नमः, पृथिवी देव्यै नमः, आधार शक्त्यै नमः
षोडश कलात्मने चन्द्र मण्डलाय नमः, द्वादश कलात्मने सूर्य मण्डलाय नमः , दश कलात्मने अर्थ मण्डलाय नमः ।।
हमारे ब्राह्मणों से पूजन हवन अनुष्ठान
रुद्राभिषेक इत्यादि स्वयं के लिए अथवा अपने प्रियजनों के लिए करवाने के लिए
निम्नलिखित जानकारी दें ।
(यदि आप स्वयं उपस्थित हो सकें तो अधिक उत्तम है ।
यदि किसी कारण स्वयं उपस्थित न हो सके
तो निम्नलिखित जानकारी दें ।)
1, आपका पता - मकान न०,
गली न०, मोहल्ला,शहर, ज़िला, राज्य
आदि । (आपको प्रसाद इसी पते पर भिजवाया जाएगा)
2, आपका गोत्र ।
3, आपका नाम तथा आपके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम ।
4, आपका whatsapp नम्बर ।
5, आपकी जन्म कुंडली या जन्म समय, जन्म
तारीख, जन्म स्थान ।
6, आपकी फोटो ।