Showing posts with label रामायण कथा का एक अंश. Show all posts
Showing posts with label रामायण कथा का एक अंश. Show all posts

Saturday, May 21, 2016

रामायण कथा का एक अंश, , जिससे हमे सीख मिलती है "एहसास" की...


श्री रामलक्ष्मण एवम् सीतामैया चित्रकूट पर्वत की ओर जा रहे थे,
राह बहुत पथरीली और कंटीली थी !
की यकायक श्री राम के चरणों मे कांटा चुभ गया !
श्रीराम रूष्ट या क्रोधित नहीं हुएबल्कि हाथ जोड़कर धरती माता से अनुरोध करने लगे !