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महातीर्थ श्री जगन्नाथ पुरी के समीप एक ग्राम पिपलीचटी था । इसी ग्राम में रघु केवट नाम का मछुवारा रहता था , पत्नी तथा वृद्धा माता थीं । परिवार छोटा अवश्य था परंतु गरीबी से परिपूर्ण था दारिद्र जीवन-यापन हो रहा था ।
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रघु केवट पूर्वजन्म के संस्कारों से सहृदय था वह जीवन यापन के लिए मछली पकड़ कर बेचने का जातीय कार्य करता परंतु मछलियों को तड़पते देख कर वह बहुत दुखी होता था ।
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महातीर्थ श्री जगन्नाथ पुरी के समीप एक ग्राम पिपलीचटी था । इसी ग्राम में रघु केवट नाम का मछुवारा रहता था , पत्नी तथा वृद्धा माता थीं । परिवार छोटा अवश्य था परंतु गरीबी से परिपूर्ण था दारिद्र जीवन-यापन हो रहा था ।
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रघु केवट पूर्वजन्म के संस्कारों से सहृदय था वह जीवन यापन के लिए मछली पकड़ कर बेचने का जातीय कार्य करता परंतु मछलियों को तड़पते देख कर वह बहुत दुखी होता था ।
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