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Sunday, December 20, 2015

।। कलश स्थापन ।।


भूमि का स्पर्श
ॐ भूरसि भूमिरस्यदितिरसि विश्वधाया विश्वस्य भुवनस्य धर्त्री
पृथिवीं यच्छ पृथिवीं दृ ँ ह पृथिवीं मा हि ँ सीः ।।